शाखी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps August 21, 2009 शाखी मत पूछ मेरे सब्र की इन्तहा कहाँ तक है , तू सितम कर ले तेरी ताकत जहाँ तक है , वफ़ा के बदले तो वफ़ा किसी को मिलती नही , मुझे तो ये देखना है कि तू बेवफा कहाँ तक है............... Read more