सफाई के साथ सेहत और सुरक्षा का वादा

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स्‍वच्‍छता का ख्‍याल हर कोई रखता है। हम सभी यह जानते हैं कि अच्‍छी सेहत ही अलसी धन है। और इसमें साफ-सफाई का मुख्‍य योगदान है। ऐसे में घर में झाड़ू-पोछा तो हर रोज होता है। पर कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के चलते साधारण सफाई से काम नहीं बनेगा। ऐसे में साबुन और हैंडवॉश आदि जीनव के महत्‍वपूर्ण भाग बन चुके हैं। इसके अलावा कपड़ों की धुलाई के लिए डिटर्जेंट केक और पाउडर, टॉयलेट क्लीनर, फ्लोर क्लीनर आदि का महत्‍व काफी बढ़ गया है। 

   किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाव के लिए सबसे पहले डॉक्‍टर साफ-सफाई के लिए लोगों को जागरूक करते हैं। स्‍वच्‍छता तीन स्‍तरों पर यानी  व्‍यक्तिगत, कपड़े और घर व ऑफिस की सफाई में से कहीं एक जगह भी चूक हुई तो संक्रमण आपको प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अपना और जहां आप ज्‍यादा वक्‍त गुजारते हैं उस जगह की सफाई का ख्‍याल रखना जरूरी है। डॉक्‍टर भी लगातार यह बता रहे हैं कि अपने हाथों को बार-बार धोएं। घर के अंदर घुसने से पहले अपने हाथ, पैर, चेहरा व बाल की सफाई का पूरा ख्‍याल रखें। इसके अलावा बाहर प्रयोग होने वाले जूते-चप्‍पल को घर में न ले जाएं। कपड़े सीधे बाथरूम में ही खोलें और वहीं वासिंग पाउडर से धुल दें। साबुन से नहाने के बाद ही घर के अन्‍य हिस्‍सों में जाएं। घर के फर्श और शौचालय की बेहतर फ्लोर क्‍लीनर और टॉयलेट क्‍लीनर से सफाई रखें।

 

साबुन की धुलाई है जरूरी

हाथ सबसे अधिक प्रयोग होने वाला बाहरी अंग है। ऐसे में संक्रमण के फैलने का जोखिम इससे सबसे अधिक है। सिर्फ साबुन व हैंडवॉश से बार-बार हाथों की धुलाई से ही वायरस से बचा जा सकता है। दिनभर में 5 से 6 बार कम से कम 20-20 सेकेंड तक अपने हाथों को जरूर धोना चाहिए। कोरोना संक्रमित व्‍यक्ति से खांसी, छींक व थूक आदि के जरिये फैलता है। व्यक्ति के छींकने पर एक समय पर थूक के 3,000 से अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आते हैं। ऐसे में मास्‍क का हर वक्‍त पहने रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा इस दौरान शरीर व अन्‍य वस्‍तुओं पर पड़े कण से दूरी के लिए सफाई व धुलाई बहुत जरूरी है। 

 

वायरस पर वार

आपको मालूम होगा कि वायरस तीन चीजों से निर्मित होता है। न्यूक्लिक एसिड जीनोम, प्रोटीन और लिपिड की एक बाहरी मोटी चर्वी नुमा परत। साबुन व हैंडवॉश में मौजूद फैटी एसिड व सॉल्‍ट जैसे तत्‍व (एम्फिफाइल्स) वायरस के बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। ऐसे में 20 सेकेंड तक हाथ धुलने पर वह चिपचिपा पदार्थ नष्‍ट हो जाता है। साबुन को सैनिटाइजर से बेहतर विकल्‍प के तौर पर माना जाता है।   

 

घर में स्‍वस्‍थ माहौल 

सफाई हर संक्रमण से लड़ाई में पहला हथियार है। ऐसे में घर के फर्श व शौचालय का साफ होना काफी जरूरी है। घर को वायरस से मूक्‍त रखने के लिए क्‍लीनर व लिक्विड ब्लीच (सोडियम हाइपोक्लोराइट) काफी है। इसके अलावा इस बात का ख्‍याल रखना बहुत जरूरी है कि वॉशरूम से चप्‍पल आदि घर के अन्‍य कमरों तक न जाने पाए। साथ ही, बाहर जाने के लिए जिन जूते व चप्‍पलों का प्रयोग आप कर रहे हैं उसे घर में बिल्‍कुल न ले जाएं। हाथ-पैर धुलकर ही घर में प्रवेश करें।   

 

कपड़े साफ रखें    

बाजार या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने के कारण हमारे कपड़े भी संक्रमण का जरिया बन सकते हैं। ऐसे में उनकी सफाई काफी जरूरी है। कोशिश करें कि अपने हाथों को पहने हुए कपड़ों पर ज्‍यादा न फेरें। बालों में यदि हाथ फेरने की आदत है तो बदल लें। घर आते ही कपड़ों को वाशिंग पाउडर में घोल लें या बेहतर डिटर्जेंट केक यानी साबुन से धाएं। कोशिश पूरी यह रखें कि हर रोज अपने कपड़े जरूर बदलें। कपड़ा यदि गर्म पानी में धाएं तो ज्‍यादा बेहतर होगा। कपड़े व खिड़कियों के पर्दे आदि धोते वक्‍त सावधानी जरूर बरतें। अपने हाथों को चेहरे तक ले जाने से बचें। आपकी समझदारी और जागरूकता संक्रमण से दूर रख आपको स्‍वस्‍थ रखने में मददगार है।

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