चिंता और तनाव का एनकाउंटर करें
चिंता और तनाव का एनकाउंटर करें
स्कूल, कॉलेज हो या दफ्तर बात-चित
और प्रजंटेशन को लेकर दिमाग चक्कर काटने लगता है। घबराहट और तनाव में पसीने छूट
जाते हैं। ऐसे में बने बनाए काम बिगड़ने लगते हैं। हालात आपके हाथ से निकलने लगता
है। इस अवस्था को एनकाउंटर स्ट्रेस कहते हैं। यह पढ़ाई,
करियर और नौकरी के साथ आपके व्यक्तित्व को काफी प्रभावित करता है। इसके अलावा यह
तब और घातक रूप ले लेता है जब मीटिंग या समूह में कोई अप्रत्याशित व्यक्ति बैठा
हो या वो जिसे आप बिल्कुल पसंद नहीं करते। आप उसके सामने असहज महसूस करते हों।
ऐसे में डाबर का स्ट्रेसकॉम आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके सेवन से आप
अपने मनोबल को बढ़ाते हुए ऐसी परिस्थितियों पर विजय पा सकते हैं।
अत्यधिक तनाव लेने से काम के साथ आपकी सेहत भी
बिगड़ सकती है। एनकाउंटर स्ट्रेस आपको भावनात्मक तौर पर तो प्रभावित करता ही है
साथ ही गंभीर बीमारियों को दावत भी देता है। कई शोध यह बताते हैं कि ढ़ेरों
बीमारियों के पीछे तनाव मुख्य कारक के तौर पर काम करता है। इससे आप मधुमेह, रक्तचाप, दिल की बीमारी,
माइग्रेन या अवसाद के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में हालात आपके हाथ से निकल जाए, उससे पहले आप संभल जाएं। एनकाउंटर स्ट्रेस को मात देने के लिए सबसे
बेहतर मार्ग है योग व व्यायाम। इसके साथ डाबर के स्ट्रेसकाम को न भूलें। क्योंकि
यह आपको मानसिक तौर पर मजबूत और खुशहाल बनाता है। स्ट्रेसकॉम आपमें कमाल की स्फूर्ति
और विश्वास पैदा करने में पूरा सहयोग देता है।
ये समस्याएं आपको कर सकती हैं परेशान
दिल हो सकता है बेकाबू :
कई
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि तनाव के कारण उच्च रक्तचाप और दिल
की बीमारी का होना एक आम बात है। ऐसे में एनकाउंटर स्ट्रेस इसके लिए प्रमुख कारक
का काम करता है। इसके चलते आपके दिल की धड़कन काफी बढ़ जाती है। रक्तचाप मानक से
ऊपर दबाव बनाने लगता है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। चिकित्सकों
के अनुसार, ऐसे में यह ध्यान रखने वाली बात
है कि ऐसे तनाव में यदि कोई धूम्रपान का सहारा लेता है तो वह मोटापे का शिकार हो सकता
है। ऐसे में धूम्रपान को स्ट्रेस से लड़ने का शस्त्र बिल्कुल न बनाएं। इससे
बचें। तनाव में डूबे नहीं। इससे खुद के दिमाग को डाइवर्ट करें। नहीं
तो, आप कॉर्डिएक प्रॉब्लम या हृदयघात के शिकार हो सकते हैं।
मधुमेह के हो
सकते हैं शिकार :
स्कूल, कॉलेज या दफ्तर के वर्क व प्रजंटेशन का दबाव बिल्कुल
न लें। यह एक काम है, जिसे आपको पूरा करना है। इन सब चीजों को
लेकर यदि आप तनाव लेते हैं तो आप मधुमेह का शिकार हो सकते हैं। इसके लिए लेट तक
जागना, दिनचर्या में अनियमितता या किसी विषय व अप्रत्याशित
व्यक्ति के बारे में सोचकर नींद खराब करना भी वजह बन सकती है। ऐसे में आपके
बर्ताव में बदलाव आ सकता है। तो ये सब आपके साथ भी हो, इससे
पहले सतर्क हो जाएं और डाबर के स्ट्रेसकाम को अपनाएं।
अवसाद न ले ले चपेट में :
क्या आपको पता है, हाल के कई अध्ययनों में यह
सामने आया है कि जो लोग काम और दफ्तर का तनाव ज्यादा लेते हैं उनमें अवसाद से
ग्रसित होने की क्षमता 80 प्रतिशत होती है। डिप्रेशन और चिंता किसी भी दिक्कत का
समाधान बिल्कुल नहीं है। अवसाद को सिर्फ आपकी समझदारी और नियमितता ही मात दे सकती
है। साथ में डाबर का स्ट्रेसकॉम ऐसी स्थिति में आपके मनोबल को बढ़ाने में काफी
अच्छा साथ निभाता है।
बुढ़ापा और मोटापा की मार :
जी हां, एनकाउंटर स्ट्रेस के चलते व्यक्ति बुढ़ापा और
मोटापा जैसी स्थितियों का शिकार होने लगता है। त्वचा, बाल
और दिमागी क्षमता हर चीज प्रभावित होने लगती है। आपको बता दें कि शोध में यह बात
सामने आई है कि तनाव के चलते व्यक्ति 9 से 17 साल अधिक बूढ़ा लगने लगता है। वहीं
पेट पर फैट का कब्जा होने लगता है। तनाव के चलते कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ने लगते
हैं और शरीर फैटी होने लगता है। पेट पर चर्वी एकत्र होने लगती है। ऐसे में एक
समझदारी और तनाव आपके जीवन से हो जाएगा कोसो दूर।

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