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कोरोना काल में अपने डॉगी और कैट का रखें ख्याल

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हमारे प्यारे पेट्स  घर में उछल-कूद करते पेट्स को देखकर हर किसी का चेहरा खुद-ब-खुद खिल जाता है। उदास मन भी खुश हो जाता है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान अपने डॉगी और कैट के साथ वक्त बिताना हर किसी को पसंद है। कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हैं तो ये पेट्स आपके सबसे अच्छे साथी के तौर पर आपका साथ निभाते हैं। लेकिन इस स्थिति में आपको भी अपने प्यारे पेट्स का ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है।       कोरोना महामारी में एक सवाल सबसे अधिक लोगों को परेशान कर रही है कि अपने पेट्स यानी पालतू जानवरों के साथ कैसे रहें। सोशल डिस्टेंसिंग का इनके साथ पालन कठिन हो गया है। ऐसे में रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र का इस पर कहना है कि लॉकडाउन में पेट्स का पूरा ख्याल रखें। डब्ल्यूएचओ और रोकथाम केंद्र की एडवायजरी के अनुसाए इंसानों से कुछ पालतू जानवरों के कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आई है, पर पेट्स से इंसानों के संक्रमित होने की सूचना नहीं है। ऐसे में पेट्स के केयर के साथ ही एहतियात बरतना जरूरी है।  इन बातों का रखें ख्याल  ऽ कोरोना संक्रमण से दूर हैं तो अपने प्यारे डॉगी और कैट ...

शहद के पोषक तत्‍व बनाए त्‍वचा को खूबसूरत

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  शहद के पोषक तत्‍व बनाए त्‍वचा को खूबसूरत सेहत के लिए सबसे फायदेमंद शहद में कई पोषक तत्व मिलते हैं , जो हमारे शरीर के लिए काफी उपयोगी होते हैं। ढेरों आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन भी वैद्य गुणकारी शहद के साथ ही करने की सलाह देते हैं। वहीं शहद यानी हनी को हमारी त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक माना जाता है।     शहद हमारे शरीर नई ऊर्जा प्रदान करने के साथ ही पौष्टिकता प्रदान करने का काम करता हैा गुणकारी शहद में विटामिन ए , बी , सी आदि के अलावा आयरन , कैल्शियम और आयोडीन जैसे ढेरों महत्‍वपूर्ण पोषक तत्व मिलते हैं। हनी की एक असरदार खूबी यह है कि इसके सेवन से हमारे शरीर पर बैक्टीरिया नहीं पनपन पाते और हम संक्रमण से दूर स्‍वस्‍थ रहते हैं। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण हमारे इम्‍यून सिस्‍टम के साथ हमारे शरीर के लिए एक रक्षा कवच का काम करते हैं। इसके सेवन से चोट लगने व घाव होने पर भी फायदा पहुंचता है।     इन सभी लाभदायक उपयोग के अलावा शहद का इस्तेमाल चेहरे की खूबसूरती के लिए भी किया जाता है। यह चेहरे का ग्‍लो बढ़ाई में कारगर है। शहद के कारण चे...

अरेबियन ब्रोस्ट चिकन का नाम ही काफी है

कानपुर की बात हो और उसमें भी चमनगंज के स्ट्रीट फूड की बात न हो तो हर बात अंधूरी सी लगती है। चमनगंज में मौजूद ढेरों रेस्टो रेंट अपने लजीज व्यंजनों के कारण शहरवासियों के अलावा देश व प्रदेश के प्रवासी व मेहमनों के बीच काफी लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से सबसे लोकप्रिय और स्वाद का जादूगर कहे जाने वाले अरेबियन ब्रोस्ट चिकन का नाम हर किसी के जुबां पर चढ़ा हुआ है। अरेबियन ब्रोस्ट चिकन के व्यंजनों का स्वाद जीभ पर पड़ते ही हर किसी के दिल से एक ही बात निकलती है , वाह...।      अरेबियन ब्रोस्ट चिकन के स्वाद की लोकप्रियता को ऐसे भी समझ सकते हैं कि आज ऑनलाइन भी इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी है। वहीं रेटिंग की बात करें तो शीर्ष स्थान पर हमेशा बरकरार रही है। दिलों पर राज करने वाले स्वाद के पीछे अरेबियन ब्रोस्ट चिकन के ग्राहकों का कहना है कि यहां के व्यंजनों का स्वाद अपनी ओर खींच लाता है। इसके अलावा सेहत से भरपूर सुगंधित व स्वादिष्ट मसालों से भरपूर इन व्यंजनों को चखने का मजा ही कुछ और है। अरेबियन ब्रोस्ट चिकन में पकने वाले चिकन के स्वाद के पीछे इसे पकाने का तरीका और एक लंबी व लगात...

टुंडे कबाब के हर निवाले में है लाजवाब स्वाद

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नवाबों के शहर लखनऊ जहां अपनी तहजीब के लिए दुनिया में मशहूर है , वहीं यहां के लजीज कबाब , पकवान व अन्य व्यंजनों के स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। इन्हीं में से एक नाम टुंडे कबाब का आता है। उत्तर भारत का मैनचेस्ट़र कहे जाने वाले औद्योगिक नगर कानपुर के टुंडे कबाब भी आज किसी पहचान का मोहताज नहीं। दूर-दूर से लोग इसका जायका लेने आते हैं और स्वाद के जादू में खोकर जाते हैं।    @टुंडे कबाब  का स्वाद जिस किसी के मुंह लग गया , वह लंबे अर्से तक यहां मिलने वाले खास लजीज मसालेदार कबाबों का स्वाद कभी नहीं भूलता है। मुंह में तुरंत घुलने वाले मीट के साथ रुमाली रोटियों का जायका हर दिल को पसंद आता है और यहां के लोग अब रिश्तेंदारों व दोस्तों को इसे चखाए बिना मेहमान नवाजी को पूरा नहीं मानते। बीफ कबाब व मटन कबाब सस्ते दाम पर और अनमोल स्वाद के कारण हर किसी के पसंदीदा बन चुके हैं। टुंडे कबाब की खास बात यह भी है कि पूरी दुनिया में इसे प्रसिद्धी जरूर मिल चुकी है पर हाजी परिवान ने इनकी कीमतें आज भी उतनी ही तय की है कि किसी की जेब पर इसका असर न पड़े। वह दौलत की जगह शोहरत को जीवन का अनमोल हिस्सा...

अजमेरी दरबार बना कानपुर में स्वाद का चमन

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  लाजवाब जायके के कारण बना हर किसी का पसंदीदा   उत्तर भारत का मैनचेस्टर कहे जाने वाला कानपुर देश में औद्योगिक नगरी के नाम से भी प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां के लजीज पकवान और मेहमान नवाजी का लोहा हर कोई मानता है। बात जब जायके की हो तो कानपुर के चमनगंज में स्थित अजमेरी दरबार का नाम सबसे आगे आता है। लोगों की बढ़ती मांग और ग्राहकों की सुविधा का ख्याल रखते हुए कानपुर में आज अजमेरी दरबार के चार ब्रांच सेवा दे रहे हैं। वहीं ऑनलाइन , स्विगी और जमैटो आदि के जरिये भी होम डिलीवरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।     अजमेरी दरबार , भारत के बेहतरीन पकवानों , बिरयानी व अन्य लजीज खाद्य पदार्थों के लिए माना जाता है। यहां के डिसेस , सेवा , मूल्य या कर्मियों के व्यवहार के चलते इसकी ऑनलाइन रेटिंग भी हमेशा शीर्ष पर रहती है। लोकप्रियता का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि अजमेरी दरबार नाम से कानपुर में चार ब्रांच अपनी सेवा दे रहीं हैं। रावतपुर , चमनगंज , स्वरूप नगर और सर्वोदय नगर में ये ब्रांच मौजूद हैं। यहां से होम डिलीवरी की सुविधा भी ग्राहकों को मिलती है। स्वाद का भरोसा बन चुका...

लखनऊ का शाही अंदाज और लाजवाब स्‍वाद

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  1. टुंडे कबाब   लखनऊ के लजीज व्यंजनों के स्वाद को यह स्थान सबसे बेहतरीन ढंग से परिभाषित करता है। इस जगह पर जो भी एक बार पहुंच गया वह लंबे अर्से तक यहां पर मिलने वाले खास लजीज मसालेदार कबाबों का स्वाद नहीं भूलता है। मुंह में तुरंत घुलने वाले मीट के साथ रुमाली रोटियों का जायका हर किसी को दिल से भा जाता है। चौक आउटलेट पर आपको बीफ़ कबाब मिलता है , जबकि अमीनाबाद आउटलेट मटन और बीफ़ कबाब दोनों सस्ते दाम पर आपको परोसता है। ऐसे में जेब पर बिना जोर दिए मनचाहे स्वाद का लुत्फ उठा सकते हैं।   2. रहीम की निहारी   कल्पना कीजिए कि एक विदेशी मसाले के साथ रातभर पकाए गए मांस के टुकड़े को ताजे पके हुए तंदूरी कुल्चे में भरा गया हो। टुंडे कबाब के बाद , लखनऊ के लाजवाब व्यंजनों में नहरी कुल्चा दूसरा सबसे नामचीन डिश है। सिर्फ एक प्लेट खाते ही इसका जायका आपके दिल और दिमाग दोनों पर छा जाएगा।   3. रत्तीलाल का खस्ता   लखनऊ के नवाबी दावत को आप नाश्ते के तौर पर भी महसूस कर सकते हैं। जी हां , नवाबों की इस नगरी के अच्छे नाश्ता स्थलों में से एक रत्तीलाल का खस्ता कचौरी क...

बगीचे को रखें हमेशा हराभरा

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  घर में गार्डन को देखते ही मन प्रसन्‍न हो उठता है। इसकी सफाई , हरियाली और पानी का इंतजाम मन को भाता है। अपने खाली वक्‍त को गार्डन में बिताकर आप बगीचे को संवार सकते हैं , साथ ही मन चाहे पौधे , फल व सब्जियों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।      गार्डन को आकर्षक बनाए रखने के लिए सबसे पहले तो इसे हमेशा साफ रखें। ऐसे में मौसम परिवर्तन , जानवर और अनैच्छिक पौधे व घास-फूस का ख्‍याल रखना काफी जरूरी है। गार्डन के देखरेख के लिए आपके पास कुदाल , रैक , प्रूनर व अन्य औजार होने जरूरी हैं। वहीं वाष्पीकरण से बचाव के लिए आप पौधों को सुबह या फिर रात में ही सींचें। पौधो के अनुसार ही मिट्टी का प्रयोग करें। खाद का ज्‍यादा प्रयोग न करें। हो सके तो जैविक खाद का ही हमेशा इस्‍तेमाल करें। मिट्टी के बहाव को रोकने के लिए सड़ी हुई घास का प्रयोग कर सकते हैं। यह अन्‍य घास-फूस को उगने से रोकता है। इसका नियमित प्रयोग काफी लाभदायक सिद्ध होता है। मौसम के आधार पर पौधों की प्रकृति को समझने की जरूरत है। सीजन के अनुसार यदि पौधों का चयन किया जाता है तो ये गार्डन साल भर हरा-भरा नजर आता है।    ...

खुशहाल जीवन के लिए दिल की देखभाल जरूरी

विश्व हृदय दिवस    दिल की बातें अक्‍सर चेहरे को खुशी दे जाती हैं। ये दिल हमारे चेहरे को खुशी ही नहीं देता बल्कि इसकी हर धड़कन हमारी सेहत को रफ्तार देने का काम भी करती हैं। स्वस्थ जीवन के लिए दिल का अहम रोल होता है। ऐसे में इस दिल को तनाव , अनुचित खानपान , अनियमित दिनचर्या और कॉलेस्‍ट्रोल युक्‍त खाद्य पदार्थ हर घड़ी कमजोर करने का काम करते हैं। दिल के लिए कॉलेस्ट्रोल का बढ़ना जानलेवा माना जाता है। ऐसे में जीवन को धड़कन यानी रफ्तार देने वाले इस दिल का ख्‍याल रखना काफी जरूरी हो जाता है।      दिल का ख्याल रखना हम सब की प्राथमिकता है। आज की बेतरतीब दिनचर्या , गलत खान-पान , तनाव , अवसाद , बढ़ता प्रदूषण और रिश्तों में आती दरार हृदय की समस्याओं में इजाफा कर रहे हैं। हालात यह है कि इस बीमारी ने बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चों को भी अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। दिल की सेहत की महत्ता को लेकर हर साल 29 सितंबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनिया में वर्ल्ड हार्ट डे मनाता है , ताकि लोगों को हृदय और इससे जुड़े रोगों को लेकर जागरूक किया जा सके।     आपको...