दोस्ती


                                                  esme ek dost ne apne jajbaat udele hain.

. जब याद का किस्सा खोलूं तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. मैं गुजरे पल को सोचूं तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं..अब जाने कौन सी नगरी में आबाद हैं जाकर मुद्दत से....मैं देर रात तक जागूं तो कुछ दोस्त बहूत याद आते हैं ... कुछ बातें थी फूलों जैसी, कुछ लहजे खुसबू जैसे थे...मैं शहरे चमन में टहलू तो कुछ दोस्त बहूत याद आते हैं....वो पल भर की नाराजगियां और मान भी जाना पल भर में ...अब खुद से भी जो रूठूं तो कुछ दोस्त बहूत याद आते हैं .....

Comments

  1. जिनके पास दोस्त है वो हमेशा खुश नजर आते है

    गम तो दूर बुरे ख्याल भी भाग जाते है

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

पतझड़ सा मैं बिखर जाऊंगा

सही-गलत part 1

प्यार मौत या मोक्ष