जैतून में मौजूद पोषक तत्‍व रखें हमेशा आपको सेहतमंद





भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव व अनियमित दिनचर्या सेहत के लिए काफी घातक परिणाम पैदा करते हैं। इस दशा में वायु प्रदूषण और कोविड-19 से उपजे हालात स्‍ट्रेस लेवल को और बढ़ाने वाले कारक बन चुके हैं। ऐसे में ऑलिव यानी जैतून हमारी सेहत के लिए काफी गुणकारी सिद्ध हो सकता है। इसमें मौजूद विटामिन ई और अन्य शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी लाभदायक होते हैं। यह हमारे दिल की सुरक्षा के साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस और कैंसर से बचाव में भी सहायक की कारगर भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद हेल्‍दी फैट सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।  

  ऑलिव का प्रयोग सलाद, सैंडविच और टेपेनड्स में स्‍वाद के लिए कर सकते हैं। जैतून विटामिन ई, लोहा, तांबा और कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है। यदि खारे पानी में इसे पैक किया जाए तो उनमें सोडियम की उच्च मात्रा भी प्राप्‍त हो सकती है। यही वजह है कि आज हर डॉक्टर अच्छी सेहत को बरकरार रखने के लिए जैतून व इसके तेल के सेवन की सलाह देते हैं। दिल से संबंधित बीमारी हो या फिर ब्लड प्रेशर की दिक्‍कत, जैतून का उपयोग लाभकारी माना जाता है। आपको बता दें कि जैतून के फल, पत्ते, जड़ आदि सभी से औषधियां तैयार की जाती हैं।

 

मर्ज को मार भगाए

 

जैतून यानी ऑलिव का स्वाद कसैला होता है। यह वात तथा पित्त को शांत रखने में अहम भूमिका का निर्वहन करता है। यह शरीर से अपशिष्‍ट पदार्थों को निकाल ऊर्जा प्रदान करने वाला है। यह रक्‍त संचार को भी सुचारु रखने में कारगर है। लीवर की समस्याएं इसके सेवन से दूर ही रहती हैं। मासिक धर्म, एक्जिमा जैसी समस्‍याओं में लाभकारी है। बालों को यह अंदर से मजबूती देने में भी सहायक है। इसका प्रयोग बच्‍चों की मालिश में भी किया जाता है। यह मेटाबोलिज्म को बढ़ाकर  कर वजन कम करने में मददगार है। इसके अलावा एंटीडाइबेटिक गुण इसमें होता है जो शरीर में इन्सुलिन की मात्रा को बनाये रखने में सहायक है।

 

दस फायदे

 

1 :- जैतून में फैटी एसिड अच्‍छी मात्रा में होती है। यह दिल की बीमारियों के खतरे को रोकने में कारगर है। वहीं शुगर के पीडि़तों के लिए यह काफी लाभकारी है। ऑलिव शरीर में शुगर की मात्रा को संतुलित बनाए रखने में खास भूमिका निभाता है। इसलिए आहार में भी इस तेल का प्रयोग किया जाता है।

 

2 :-  इसमें संतृप्त वसा कम मात्रा में रहती है, जिससे शरीर में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा संतुलित रखने में मदद मिलती है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है। 

 

3 :-  जैतून में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा पर्याप्‍त क्षमता में मौजूद होती है। इसके अलावा विटामिन ए, डी, , के और बी-कैरोटिन की मात्रा भी प्रचुर अवस्‍था में पाई जाती है। ये कैंसर से लड़ने में काफी सहायक सिद्ध होती है, वहीं मानसिक तनाव दूर कर आपको खुश रखने में कारगर है।

4 :-  जैतून आत में होने वाले कैंसर से बचाव करने में सहायक है। वहीं इसके सेवन से आपके अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है।

 

5 :-   इसमें पर्याप्‍त मात्रा में मौजूद कैल्शि‍यम आपको स्‍वस्‍थ रखने में कारगर है। इसके सेवन से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। 

6 :-  जैतून में संतृप्त वसा काफी कम होता है। यह शुगर लेवल को उचित अवस्‍था में बनाए रखता है। चिकित्‍सकों का मानना है कि इसके सेवन से बॉर्डर लाइन डायबीटिज होने का खतरा 50 फीसदी कम हो सकता है।

7 :-   लंबे समय तक जैतून आहार में शामिल करने पर यह शरीर में मौजूद वसा को कम करने की भूमिका निभाने लगता है। यह मोटापा कम कर आपको स्‍वस्‍थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। 

8 :-   विटमिन ए, बी, सी, डी और ई के साथ-साथ जैतून के तेल में आयरन और काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह ओलेइक एसिड और ओमेगा-9 फैटी एसिड का भी अच्छा स्रोत है।

 

9 :-   त्वचा के लिए जैतून को काफी गुणकारी माना जाता है। इसकी मसाज से त्वचा की झुर्रियां खत्‍म हो जाती हैं और त्वचा की नमी व चमक बरकरार रहती है।

 

10 :-  जैतून के तेल को मेकअप रिमूवर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। जैतून त्वचा का रंगत को बरकरार रखते हुए पोषण प्रदान करने का काम करता है।

 

 

ये पोषक पदार्थ हैं खास

 

जैतून के प्रति 3.5 औंस (100 ग्राम) में 115-145 कैलोरी प्राप्‍त होता है। यानी 10 जैतून में करीब 59 कैलोरी होती हैं।

 

 

कैलोरी : 115

पानी : 80%

प्रोटीन : 0.8 ग्राम

कार्ब्स : 6.3 ग्राम

शुगर : 0 ग्राम

फाइबर : 3.2 ग्राम

वसा : 10.7 ग्राम

संतृप्त वसा : 1.42 ग्राम

मोनोअनसैचुरेटेड : 7.89 ग्राम

पॉलीअनसेचुरेटेड : 0.91 ग्राम

फैट : 11 से 15%

ओलिक एसिड : 74% (मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड)

कार्ब और फाइबर :  4 से 6% 

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