परिणय है प्रेम और परिवार का महोत्सव
• शुभ विवाह के
लिए अच्छे मुहूर्त के साथ बेहतर प्लानिंग बहुत जरूरी
विवाह यानी परिणय बंधन। यानी प्रेम, त्याग और जीवन का अनुपम संबंध। शादी के
साथ ही दो लोग एक दैवीय बंधन में बंधकर इस सांसारिक जीवन को एक साथ मिलकर जीने का
वचन देते हैं और प्रेम व समर्पण के साथ इसका निर्वहन करते हैं। जीवन के इस महत्वपूर्ण
संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त का काफी महत्व होता है। इसके अलावा विवाह के लिए कपड़े
व अन्य जरूरी चीजों की खरीदारी का भी ख्याल रखना होता है। यदि डेस्टिनेशन वेडिंग करने
जा रहे हैं तो इसके लिए स्थान और एक दूसरे की पसंद का भी ध्यान रखना होता है। इसके
अलावा आपकी नजर विभिन्न कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले विशेष ऑफर पर हो तो सोने पर
सुहागा वाली बात हो जाएगी। तो आइए समझते हैं कि आप कैसे अपने विवाह समारोह और
रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं।
हमारे
धर्म और समाज में विवाह को सात जन्मों का बंधन माना जाता है। यह हमारे जीवन का
प्रमुख संस्कार और मांगलिक कार्य है। ऐसे में इसके आयोजन के दौरान शुभ मुहूर्त और
शुभ तिथि का होना जरूरी हो जाता है। इस वर्ष विवाह के कुछ ही दिन शेष हैं।
जानकारों के अनुसार, कार्तिक
शुक्ल प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी 8 नवंबर के बाद शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त
शुरू हो जाएंगे। ऐसे देखा जाए तो हमारे देश के हर हिस्से में अलग-अलग पंचांग मान्य
हैं। ऐसे में हर जगह विवाह की तिथियों अलग-अलग होती हैं। अत: अपने पुरोहित व
विशेषज्ञ से परामर्श के बाद ही उचित तिथि व मुहूर्त का चयन करें। इसके बाद ही
विवाह की तैयारियां शुरू करें। विवाह का मुहूर्त तय होते ही आयोजन, दोनों परिवारों की रुचि और सहयोग के
साथ ही अन्य जरूरी चीजों का ब्योरा तैयार कर लें।
इन बातों का
रखें ख्याल
शादी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी
फैसला है। ऐसे में इसकी तैयारियां भी बड़ी और व्यवस्थित होनी चाहिए। सबसे पहले तो
परिवार संग यह तय कर लें कि विवाह की तैयारी खुद करेंगे या किसी वेडिंग प्लानर को
बुक करना है। ऐसे तो इंटरनेट पर ढेरों वेडिंग प्लानर मौजूद हैं, लेकिन इससे अपने साथी व रिश्तेदारों
की मदद जरूर लें। इसके बाद अपने कार्यक्रमों के आधार पर अलग-अलग बजट बना लें और
इसी के आधार पर खर्च करें। सगाई,
शादी, रिसेप्शन, हनीमून व अन्य छोटे-बड़े आयोजन व
खर्च का विवरण तैयार कर लें। यदि शादी के लिए कोई थीम सोच रखें हैं तो प्लानिंग
की शुरुआत में ही इस पर अमल कर लें। कैटर, डीजे,
बैंड, फोटोग्राफर व
फ्लोरिस्ट आदि का नंबर सहेज के इनसे लगातार संपर्क में रहें। डेस्टिनेशन वेडिंग व
हनीमून के लिए शुरू से बुकिंग करते जाएं। क्योंकि इसमें थोड़ी सी चूक आपको परेशान
कर सकती है। कपड़े,
गहने, उपहार और
मेहमान हर चीज पर बारीकी से नजर बनाए रखें और पूरी व्यवस्था पहले ही कर लें। इस
दौरान बेहतर होगा कि कुछ जिम्मेदारियों को अपने रिश्तेदारों में बांट दें। मैरिज
हाउस और गार्डन दोनों पक्ष सुविधा और सहूलियत के आधार पर सहमति से ही चुनें। डीजे, बैंड, घोड़ा व बग्घी बुक कराते वक्त फीजूलखर्ची न हो का ख्याल जरूर
रखें।
बाजार पर बनाए
रखें नजर
ऐसे तो आज का युग वन-स्टॉप सॉल्यूशन यानी
इंटरनेट का है। ऐसे में आपकी अधिकतर जरूरतें यहीं पूरी हो जाती हैं। खरीदारी से
लेकर किसी भी आयोजन की बुकिंग हो सब ऑनलाइन मुमकिन है। लेकिन, यदि आप दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी,
कानपुर, लुधियाना, सूरत, पटना,
रांची, इंदौर इत्यादि
शहरों में रहते हैं, तो
यहां के बाजार शादि की खरीदारी के लिए काफी बेहतर और किफायती हैं। यहां आपको
ऑनलाइन के अलावा ढेरों आकर्षक ऑप्शन मिल जाएंगे। व्यक्तिगत खरीदारी के अलावा
उपहार, जेवरात व
फर्नीचर आदि जब खरीदने जा रहे हों तो बाजार के विभिन्न ऑफरों पर जरूर नजर गड़ाए
रखें। जैसे फर्नीचर मार्केट में शादी के सीजन में कन्यादान जैसे आकर्षक ऑफर रहते
हैं। इसी प्रकार गहनों पर भी कई कंपनियां विशेष छूट देती हैं। इस दौरान कपड़ा,
बर्तन, सौंदर्य प्रसाधन और इलेट्रॉनिक सामानों पर भी कंपनियां छूट
देती हैं। बाजार को तोलमोल कर ही खरीदारी करें।
बचत के कुछ रास्ते
·
बजट पहले बन जाने से कहां खर्च को कम व
कहां खर्च जरूरी है आप तय कर सकते हैं।
·
जिस दिन शादी ज्यादा हो उस तिथि को
चुनने से बचें। ऑफ सीजन में करें तो ठीक रहेगा।
·
अन्य दिनों की तूलना में ऑफ सीजन में
हर चीज पर डिस्काउंट काफी अधिक रहता है।
·
वेडिंग प्लानर आपके तनाव को कम कर
आपके बजट को समझ व्यवस्था करते हैं।
·
कार्ड जरूरी ही छपवाएं, नहीं तो डिजिटल माध्यम से निमंत्रण
भेजें। जरूरी मेहमान ही बुलाएं।
·
महंगे होटल की जगह आप मैरिज हॉल, फॉर्म हाउस या कम्यूनिटी हॉल को भी
सजवा सकते हैं।
·
दोनों पक्ष साथ मिलकर आयोजन करें और
कार्यक्रमों की अधिकता व फैलाव से बचें।
·
गहने और कपड़े किराये पर भी उपलब्ध
होते हैं, जो काफी बचत
करा सकते हैं।
शहर के बाजार से खरीदारी करें
दिल्ली का चांदनी चौक
बाजार अपने आप में पूर्ण है। यहां आपको कपड़े, आभूषण,
फर्नीचर इत्यादि हर चीज में ढेरों ऑप्शन और ऑफर मिलते हैं। इस बाजार की सबसे अच्छी
खूबी यह है कि यहां बारहो मास आपको अपने बजट में अच्छे सामान मिलते हैं। इसके
अलावा मालवीय नगर, गांधी नगर, सरोजीनी नगर बाजार भी दिल्ली व आसपास के लोगों के
लिए कुछ चीजों में अच्छा ऑप्शन है। वहीं लखनऊ का हजरत गंज और उसके आसपास के
बाजार, वाराणसी में गोदौलिया व चौक, इलाहाबाद में सिविल लाइन
व चौक, लुधियाना, पुराना इंदौर, सूरत आदि ऐसे शहर हैं
जहां के बाजार से आप खरीदारी जरूर करें। लोकल बाजार से आपको सामान तो अच्छा और
आकर्षक मिलता ही है, साथ ही आपका बजट भी ऊपर नहीं भागता। यहां आपको 40
प्रतिशत तक की छूट मिल जाती है।
फर्नीचर हो
आकर्षक और मजबूत
शादियों का सीजन आते ही शहर के फर्नीचर बाजर
में ढेरों ऑफर छा जाते हैं। लोगों की मांग को देखते हुए इन बाजारों में कन्यादान, वर-वधु, शुभ-विवाह,
परिणय इत्यादि ऑफर शुरू हो जाते हैं। ऐसे में अपने आसपास के बाजार जाकर वहां
मौजूद ऑफर का लाभ आप ले सकते हैं। इसके अलावा कई फर्नीचर के शोरूम अपनी बना रखे
हैं। आप चाहें तो यहां पर भी उनके ऑफर और डिजाइन देख सकते हैं। कई शो रूम इस दौरान
मेगा छूट, विशेष वारंटी के
साथ फ्री डिलिवरी की सुविधा भी देते हैं। ऐसे में आप सोफा, सोफा कम बेड, दीवान, काउच,
बेड, वार्डरोब, डायनिंग सेट, ड्रेसिंग, स्टडी टेबल, शोकेश, मंदिर, साइड टेबल, सेंटर टेबल आदि पर इन ऑफरों का लाभ ले सकते हैं
डेस्टिनेशन
वेडिंग आज की पसंद
विवाह का पवित्र रिश्ता
और दो परिवारों का जुड़ाव निश्चित ही किसी त्यौहार से कम नहीं है। ऐसे में आपके
अंदर निश्चित ही ढेरों कौतुहल और शौक भी होगा। इन्हीं शौक में से एक है
डेस्टिनेशन वेडिंग। यदि आप भी डेस्टिनेशन वेडिंग के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे
पहले तो अपने बजट और चाहत के आधार पर स्थान का चयन कर लें। इसके बाद जब जाना हो
उस वक्त वहां का मौसम कैसा रहेगा इसका पता कर कपड़े सहेज लें। वहां का टिकट तुरंत
ले लें। इससे आपको अतिरिक्त किराया नहीं चुकाना पड़ेगा। अधिक की जगह जरूरी लोगों
का चयन करें। स्थानीय वेडिंग प्लानर को ही शादी की पूरी जिम्मेदारी सौंपे। यदि
आपके जेहन में यह आ रहा है कि कौन सी जगह डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बेहतर है तो
गोवा, राजस्थान, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप व लवासा को प्राथमिकता
में रख सकते हैं।
डेस्टिनेशन
वेडिंग की थीम चुने
आज के युवा बदलती सोच और लाइफस्टाइल से काफी
प्रभावित हैं। ऐसे में वह आज डेस्टिनेशन वेडिंग को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ऐसे
में जोधपुर,
जयपुर, उदयपुर, गोवा, मसूरी,
दिल्ली, आगरा, हैदराबाद इनकी पसंद के शहर बन चुके
हैं। वहीं बजट और आकर्षण के आधार पर मॉरिशस, थाइलैंड और बाली भी इस वक्त काफी लोकप्रिय डेस्टिनेशन के तौर पर
उभरे हैं। यदि सजावट की बात करें तो आज पेस्टल कलर्स ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। वहीं सफेद और ब्रेज रंगों की मांग बढ़ी है।
कंटेम्प्ररी थीम में फूलों द्वारा वेस्टर्न टच युवाओं को खूब भा रहा है। वहीं
रॉयल थीम में वैदिक विधान का लुक इन्हें भा रहा है।
भारत में हनीमून
अच्छा विकल्प
शादी की थकान के बाद आप चाहेंगे कि आप अब जिम्मेदारियों
से थोड़ा दूर हों और कुछ पल खुशी-खुशी मनाएं। ऐसे में हनीमून का प्लान करते वक्त
सबसे पहले तो अपने पसंद की जगह का चुनाव आप दोनों मिलकर और सहमति से करें। इसके
बाद बजट, टिकट, होटल आदि को व्यवस्थित ढंग से बुक
करा लें। एक बात तो जान लें कि हमारा देश भारत विविधताओं से पूर्ण और बहुत खूबसूरत
जगहों से भरा है। ऐसे में आप चाहें तो भारत में ही हनीमून का प्लान कर सकते हैं।
दूसरी बात आप भारत को अच्छे से समझते हैं, ऐसे में आपको उन जगहों पर किसी प्रकार की समस्या से भी नहीं गुजरना
पड़ेगा। आज हनीमून के तौर पर युवाओं की पहली पसंद गोवा और अंडमान और निकोबार द्वीप
बन चुके हैं। वहीं केरल की नदियां,
हरियाली और संस्कृति युवाओं के दिलों में घर कर गई है। इसके बाद युवा कश्मीर और
उदयपुर को भी हनीमून के लिए पसंदीदा जगह मानते हैं। इसके अलावा लक्ष्यद्वीप, कन्याकुमारी, पुदुचेरी, दार्जिलिंग, नैनीताल, शिमला, मनाली,
तवांग और इंफाल भी काफी आकर्षक केंद्र हैं।



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